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MND में आहार एवं घरेलू देखभाल

MND (Motor Neuron Disease) में मांसपेशियों की कमजोरी के कारण शरीर को पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन, पोषण और जल की आवश्यकता होती है। उचित आहार का उद्देश्य शरीर का वजन और पोषण बनाए रखना, पाचन को संतुलित रखना तथा रोगी की दैनिक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है।

MND में क्या खाना चाहिए?

सुबह

•⁠ ⁠गुनगुना पानी
•⁠ ⁠दूध, यदि पचता हो
•⁠ ⁠भीगे हुए बादाम एवं अखरोट का पेस्ट
•⁠ ⁠मूंग दाल का नरम चीला
•⁠ ⁠दलिया या पौष्टिक खिचड़ी

दोपहर

•⁠ ⁠मूंग दाल की खिचड़ी
•⁠ ⁠मूंग या अन्य सुपाच्य दाल
•⁠ ⁠अच्छी तरह पकी हुई नरम सब्जियाँ
•⁠ ⁠उचित मात्रा में घी
•⁠ ⁠दही या छाछ, यदि अनुकूल हो
•⁠ ⁠पनीर या अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोत

शाम

•⁠ ⁠पौष्टिक smoothie
•⁠ ⁠केला या चीकू का smoothie
•⁠ ⁠दूध, यदि पचता हो
•⁠ ⁠dry fruits का powder या paste
•⁠ ⁠हल्का एवं पौष्टिक नाश्ता

रात

•⁠ ⁠मूंग दाल की खिचड़ी
•⁠ ⁠नरम दलिया
•⁠ ⁠दाल एवं नरम सब्जियाँ
•⁠ ⁠उचित मात्रा में घी

भोजन की मात्रा व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार रखें। यदि रोगी जल्दी थक जाता है तो दिन में छोटे-छोटे भोजन कई बार देना उपयोगी हो सकता है।

MND में क्या नहीं खाना चाहिए?

•⁠ ⁠बहुत सूखा एवं crumbly भोजन
•⁠ ⁠बहुत कड़ा या अधिक chewy भोजन
•⁠ ⁠बड़े-बड़े निवाले
•⁠ ⁠बहुत जल्दी-जल्दी खाना
•⁠ ⁠आवश्यकता से अधिक लंबे समय तक लगातार खाना
•⁠ ⁠धूम्रपान एवं शराब
•⁠ ⁠बिना चिकित्सकीय सलाह के अनेक supplements या herbal medicines लेना
•⁠ ⁠वजन कम करने के लिए crash diet या लंबे समय तक fasting करना

यदि पानी या भोजन निगलते समय खाँसी, choking, आवाज में बदलाव या निगलने में कठिनाई हो तो भोजन की consistency विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार बदलनी चाहिए।

आयुर्वेदिक शैली में घरेलू supportive care

अभ्यंग

हल्के हाथ से तिल तेल अथवा चिकित्सक द्वारा उचित बताए गए औषधीय तेल से अभ्यंग किया जा सकता है। इससे शरीर की जकड़न एवं muscular discomfort में आराम मिल सकता है।

गुनगुना स्नान

गुनगुने पानी से स्नान शरीर की जकड़न एवं सामान्य discomfort में आराम देने में सहायक हो सकता है।

भोजन में उचित स्निग्धता

व्यक्ति की पाचन क्षमता और आवश्यकता के अनुसार भोजन में उचित मात्रा में घी एवं अन्य स्निग्ध पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।

पर्याप्त जल सेवन

पर्याप्त मात्रा में जल एवं fluids लेना आवश्यक है। यदि रोगी को पानी या पतले liquids निगलने में कठिनाई हो तो fluids की consistency विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार रखें।

कब्ज से बचाव

उचित मात्रा में पानी, नरम फल-सब्जियाँ एवं सुपाच्य आहार लें। कब्ज की समस्या होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

भोजन की सही स्थिति

भोजन हमेशा सीधे बैठकर, शांत वातावरण में और छोटे निवालों में करें। भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें।

भोजन को नरम बनाएं

यदि चबाने या निगलने में कठिनाई हो तो भोजन को नरम, mashed या आवश्यकतानुसार उचित consistency में तैयार करें।

MND में किन गलतियों से बचना चाहिए?

•⁠ ⁠लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
•⁠ ⁠बिना चिकित्सकीय सलाह के fasting या crash diet न करें।
•⁠ ⁠जबरदस्ती भोजन या पानी न खिलाएँ।
•⁠ ⁠बहुत तेज गति से भोजन न कराएँ।
•⁠ ⁠बहुत सूखा या कड़ा भोजन न दें।
•⁠ ⁠कमजोरी के बावजूद अत्यधिक physical exertion न करें।
•⁠ ⁠बिना चिकित्सकीय सलाह के अनेक औषधियाँ या supplements एक साथ न लें।
•⁠ ⁠निगलने में समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें।
•⁠ ⁠सांस लेने में परेशानी या बार-बार choking होने पर घरेलू उपचार पर निर्भर न रहें।

विशेष सावधानी

यदि रोगी को भोजन या पानी निगलते समय बार-बार खाँसी, choking, आवाज में बदलाव, अत्यधिक वजन कम होना, सांस लेने में परेशानी, कमजोर cough या बार-बार chest infection की समस्या हो तो विशेषज्ञ चिकित्सकीय मूल्यांकन आवश्यक है।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में आहार को शरीर के पोषण, बल एवं धातु-पोषण का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। MND में सुपाच्य, पौष्टिक, पर्याप्त एवं व्यक्ति की अवस्था के अनुकूल आहार शरीर की ऊर्जा और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हो सकता है। प्रत्येक रोगी की प्रकृति, अग्नि, बल, वजन, मांसपेशियों की स्थिति तथा निगलने की क्षमता अलग होती है। इसलिए आहार एवं supportive care का निर्धारण रोगी की व्यक्तिगत अवस्था के अनुसार किया जाना चाहिए।