Foot Drop में पैर के अगले हिस्से और पंजे को ऊपर उठाने की क्षमता कम हो जाती है। इसका कारण Common Peroneal Nerve Injury, L4-L5 Nerve Root Compression, Sciatica, Stroke, Diabetes, Spinal Cord Disorders अथवा अन्य Neurological Conditions हो सकता है। इसलिए Foot Drop में सबसे पहले इसके मूल कारण का उचित निदान आवश्यक है।
Foot Drop में आहार
Foot Drop में ऐसा आहार लेना चाहिए जो शरीर को पर्याप्त protein, calories, healthy fats, vitamins और minerals प्रदान करे तथा मांसपेशियों एवं तंत्रिका तंत्र के पोषण में सहायता करे।
सुबह
• गुनगुना पानी
• दूध, यदि पचता हो
• भीगे हुए बादाम एवं अखरोट
• मूंग दाल का नरम चीला
• दलिया या पौष्टिक नाश्ता
दोपहर
• मूंग दाल की खिचड़ी
• दाल
• हरी एवं पकी हुई सब्जियाँ
• उचित मात्रा में घी
• दही या छाछ, यदि अनुकूल हो
• पनीर या अन्य protein-rich भोजन
शाम
• दूध या पौष्टिक smoothie
• केला या अन्य soft fruit
• dry fruits का powder
• हल्का एवं पौष्टिक नाश्ता
रात
• मूंग दाल की खिचड़ी
• दलिया
• दाल एवं नरम सब्जियाँ
• उचित मात्रा में घी
Foot Drop में किन चीजों से बचें?
• अत्यधिक processed food
• बहुत अधिक तला-भुना भोजन
• अत्यधिक चीनी एवं refined food
• अत्यधिक alcohol
• धूम्रपान
• लंबे समय तक खाली पेट रहना
• बिना चिकित्सकीय सलाह के अनेक supplements लेना
• अत्यधिक calorie restriction या crash diet
आयुर्वेदिक घरेलू उपाय
1. अभ्यंग
पैर, पिंडली एवं संबंधित क्षेत्र में हल्के हाथ से तिल तेल अथवा चिकित्सक द्वारा उचित बताए गए औषधीय तेल से अभ्यंग किया जा सकता है। इसका उद्देश्य मांसपेशियों की stiffness एवं discomfort में सहायता करना है।
2. गुनगुना स्नान
गुनगुने पानी से पैर एवं पिंडली को आराम देना stiffness एवं muscular discomfort में सहायक हो सकता है।
3. पादाभ्यंग
रात्रि में पैरों के तलवों पर हल्के हाथ से तेल की मालिश की जा सकती है। अत्यधिक दबाव या दर्द उत्पन्न करने वाली मालिश न करें।
4. नियमित एवं नियंत्रित व्यायाम
Foot Drop में ankle की movement और dorsiflexion को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। व्यायाम व्यक्ति की muscle power और मूल neurological condition के अनुसार होना चाहिए।
Foot Drop के लिए उपयोगी Exercise
Ankle Dorsiflexion
बैठकर पैर को सामने रखें और पंजे को धीरे-धीरे अपनी तरफ अर्थात shin की ओर ऊपर उठाने का प्रयास करें। फिर धीरे-धीरे नीचे लाएँ।
Assisted Dorsiflexion
यदि पैर स्वयं ऊपर नहीं उठता तो हाथ या towel की सहायता से पंजे को धीरे-धीरे ऊपर लाएँ और रोगी स्वयं भी movement करने का प्रयास करे।
Resistance Band Dorsiflexion
हल्के resistance band की सहायता से पंजे को अपनी तरफ ऊपर खींचने का अभ्यास किया जा सकता है, यदि व्यक्ति इसे बिना दर्द और excessive fatigue के कर सकता हो।
Calf Stretching
पिंडली की मांसपेशियों में stiffness होने पर gentle calf stretching किया जा सकता है।
Gait Training
चलते समय पैर के पंजे को जमीन से घसीटने से बचाने और सुरक्षित gait pattern विकसित करने के लिए physiotherapy एवं gait training उपयोगी हो सकती है।
Foot Drop में Marma Points
Foot Drop के supportive Ayurvedic care में निम्न Marma क्षेत्रों का उल्लेख किया जा सकता है:
• Gulpha Marma — टखने का क्षेत्र
• Indrabasti Marma — पिंडली का मध्य क्षेत्र
• Janu Marma — घुटने का क्षेत्र
• Ani Marma — घुटने के ऊपर जांघ का क्षेत्र
• Urvi Marma — जांघ का क्षेत्र
• Kurcha Marma — पैर एवं टखने के आसपास का क्षेत्र
इन Marma क्षेत्रों पर हल्का एवं नियंत्रित स्पर्श/मर्दन ही किया जाना चाहिए। अत्यधिक दबाव, तेज manipulation या दर्द उत्पन्न करने वाली stimulation नहीं करनी चाहिए।
Foot Drop में क्या गलतियाँ नहीं करनी चाहिए?
• पैर को जबरदस्ती ऊपर न मोड़ें।
• कमजोर पैर पर अचानक अधिक weight न डालें।
• बिना सहारे balance exercise न करें यदि गिरने का जोखिम हो।
• अत्यधिक resistance के साथ exercise न करें।
• दर्द, नई numbness या अत्यधिक fatigue होने पर exercise जारी न रखें।
• पैर को लंबे समय तक एक ही position में न रखें।
• चलने के दौरान गिरने से बचने के लिए उचित footwear एवं आवश्यकता अनुसार walking support का उपयोग करें।
• Foot Drop के मूल कारण की जाँच को नजरअंदाज न करें

