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Piles में क्या खाएँ और क्या न खाएँ?

आयुर्वेद में Piles को अर्श कहा गया है। अर्श में कब्ज, कठोर मल, मल त्याग के समय अधिक जोर लगाना तथा अपान वायु की विकृति महत्वपूर्ण कारणों में माने जाते हैं। इसलिए आहार का उद्देश्य मल को सहज रखना, अग्नि को संतुलित रखना और अपान वायु का अनुलोमन करना है।

कौन से फल खाएँ?

•⁠ ⁠पका हुआ पपीता
•⁠ ⁠नाशपाती
•⁠ ⁠सेब
•⁠ ⁠अमरूद
•⁠ ⁠संतरा
•⁠ ⁠मौसंबी
•⁠ ⁠अनार
•⁠ ⁠अंजीर
•⁠ ⁠मुनक्का
•⁠ ⁠आंवला, यदि अनुकूल हो

इन फलों को ताजा और उचित मात्रा में लें। कब्ज की प्रवृत्ति में पपीता, नाशपाती, अंजीर और भिगोया हुआ मुनक्का उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।

कौन से फल न खाएँ या सीमित करें?

•⁠ ⁠बहुत अधिक कच्चे फल
•⁠ ⁠बहुत अधिक केला, यदि इससे कब्ज बढ़ता हो
•⁠ ⁠अत्यधिक dried fruits
•⁠ ⁠packaged fruit juice
•⁠ ⁠बहुत अधिक मीठे fruit preparations
•⁠ ⁠बहुत खट्टे फल, यदि acidity या जलन बढ़ती हो

कौन से अनाज खाएँ?

•⁠ ⁠जौ
•⁠ ⁠साबुत गेहूँ
•⁠ ⁠दलिया
•⁠ ⁠ओट्स
•⁠ ⁠ज्वार
•⁠ ⁠बाजरा
•⁠ ⁠रागी
•⁠ ⁠मूंग दाल की खिचड़ी

अनाज को अच्छी तरह पकाकर और पर्याप्त fluid के साथ लें। व्यक्ति की पाचन क्षमता के अनुसार अनाज का चयन करें।

कौन से अनाज न खाएँ या सीमित करें?

•⁠ ⁠मैदा
•⁠ ⁠मैदा से बनी पूरी
•⁠ ⁠भटूरे
•⁠ ⁠bakery products
•⁠ ⁠अत्यधिक refined flour
•⁠ ⁠packaged cereals
•⁠ ⁠बहुत अधिक सूखा भोजन
•⁠ ⁠chips एवं packaged snacks

कौन सी सब्जियाँ खाएँ?

•⁠ ⁠लौकी
•⁠ ⁠तोरी
•⁠ ⁠परवल
•⁠ ⁠पालक
•⁠ ⁠मेथी
•⁠ ⁠गाजर
•⁠ ⁠भिंडी
•⁠ ⁠कद्दू
•⁠ ⁠पत्तागोभी
•⁠ ⁠शिमला मिर्च
•⁠ ⁠अन्य हरी एवं मौसमी सब्जियाँ

सब्जियों को अच्छी तरह पकाकर लें। कब्ज की स्थिति में पर्याप्त fibre और fluid का संतुलन बनाए रखें।

कौन सी सब्जियाँ और खाद्य पदार्थ न खाएँ या सीमित करें?

•⁠ ⁠बहुत अधिक मिर्च
•⁠ ⁠अत्यधिक मसाले
•⁠ ⁠बहुत अधिक तला हुआ भोजन
•⁠ ⁠अत्यधिक अचार
•⁠ ⁠बहुत अधिक खटाई
•⁠ ⁠बहुत अधिक नमकीन
•⁠ ⁠अत्यधिक processed food
•⁠ ⁠बहुत अधिक गरिष्ठ एवं भारी भोजन

सुबह क्या खाएँ?

•⁠ ⁠गुनगुना पानी
•⁠ ⁠पका हुआ पपीता
•⁠ ⁠भिगोया हुआ मुनक्का या अंजीर
•⁠ ⁠दलिया
•⁠ ⁠मूंग दाल का हल्का चीला

दोपहर में क्या खाएँ?

•⁠ ⁠जौ या साबुत गेहूँ की रोटी
•⁠ ⁠मूंग या मसूर की दाल
•⁠ ⁠पकी हुई हरी सब्जियाँ
•⁠ ⁠सलाद, यदि पाचन के अनुकूल हो
•⁠ ⁠उचित मात्रा में घी
•⁠ ⁠छाछ, यदि अनुकूल हो

शाम को क्या खाएँ?

•⁠ ⁠पपीता
•⁠ ⁠नाशपाती या सेब
•⁠ ⁠भिगोया हुआ अंजीर
•⁠ ⁠मखाना
•⁠ ⁠हल्का एवं सुपाच्य नाश्ता

रात में क्या खाएँ?

•⁠ ⁠मूंग दाल की खिचड़ी
•⁠ ⁠दलिया
•⁠ ⁠हल्की पकी हुई सब्जियाँ
•⁠ ⁠जौ या गेहूँ की रोटी
•⁠ ⁠उचित मात्रा में घी

रात्रि भोजन सोने से लगभग 2–3 घंटे पहले करें।

Piles में क्या पीना चाहिए?

•⁠ ⁠पर्याप्त पानी
•⁠ ⁠गुनगुना पानी
•⁠ ⁠छाछ, यदि अनुकूल हो
•⁠ ⁠नारियल पानी, यदि व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो

पानी की मात्रा व्यक्ति की उम्र, मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार रखें।

Piles में क्या नहीं पीना चाहिए?

•⁠ ⁠alcohol
•⁠ ⁠बहुत अधिक चाय
•⁠ ⁠बहुत अधिक coffee
•⁠ ⁠बहुत अधिक sugary drinks
•⁠ ⁠packaged fruit juice
•⁠ ⁠carbonated drinks

आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

1.⁠ ⁠मलवेग को न रोकें

शौच की इच्छा होने पर उसे बार-बार रोकने की आदत न रखें।

2.⁠ ⁠शौच के समय जोर न लगाएँ

मल त्याग के समय अत्यधिक strain करने से Piles की समस्या बढ़ सकती है।

3.⁠ ⁠गुनगुने पानी का Sitz Bath

गुनगुने पानी में कुछ समय बैठने से anal discomfort में आराम मिल सकता है। पानी बहुत गर्म न हो।

4.⁠ ⁠नियमित walking

लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार प्रतिदिन हल्की walking करें।

5.⁠ ⁠भोजन नियमित रखें

लंबे समय तक खाली पेट रहने और एक साथ बहुत अधिक भोजन करने से बचें।

Piles में सबसे जरूरी परहेज

मैदा, अत्यधिक मिर्च-मसाला, तला-भुना भोजन, अचार, बहुत अधिक खटाई, processed food, alcohol और कब्ज बढ़ाने वाली भोजन की आदतों से बचें।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण

आयुर्वेद में अर्श के management में अग्नि की सम्यक अवस्था, मल का सहज निष्कासन, अपान वायु का अनुलोमन तथा हितकर आहार-विहार को विशेष महत्व दिया गया है।

इसलिए Piles में ऐसा आहार अपनाएँ जो सुपाच्य, पर्याप्त fibre युक्त, उचित स्निग्धता वाला और व्यक्ति की प्रकृति एवं अग्नि के अनुकूल हो।

मुख्य सूत्र:

“मल को रोकना नहीं, मल त्याग में जोर लगाना नहीं और ऐसा आहार लेना है जिससे मल सहज रूप से बाहर निकल सके।”